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What are the difference between 1G 2G 3G 4G and 5G ?



Mobile Network Generation in Hindi

मोटोरोला द्वारा 1983 में पहला वाणिज्यिक मोबाइल फोन पेश करने के बाद से, मोबाइल तकनीक ने एक लंबा सफर तय किया है। यह तकनीकी, प्रोटोकॉल, सेवाओं की पेशकश या गति हो, मोबाइल टेलीफोनी में परिवर्तन मोबाइल संचार की पीढ़ी के रूप में दर्ज किया गया है। यहां हम इन पीढ़ियों की बुनियादी विशेषताओं पर चर्चा करेंगे जो इसे पिछली पीढ़ियों से अलग करते हैं।

बहुत कम लोगो को अक्सर ‘G’ के बारे मे पता नहीं होता हैं बल्कि वो अपने mobile मे इसका इस्तेमाल भी करते हैं, कभी आपने सोचा है कि 1g, 2g, 3g, 4g या 5g में ’g’ अक्षर का क्या मतलब है…? G का मतलब “Generation” हैं जिसे hindi मे “पीढ़ी” कहते हैं, उदहारण के लिए 1g का मतलब First Generation, वहीं 2g का मतलब है Second Generation इसमें ये सब number बस एक व्यक्त करता है। हर एक जनरेशन में अलग-अलग telephone के network standards होते हैं, जो किसी विशेषकर mobile phone system में हुए उनके बदलाव फ़ीचर्स के बारे में बताता है।

What are the difference between 1G 2G 3G 4G and 5G ?


सन 1980 से लगभग हर एक दशक मे एक-एक network generation का विकास हुआ है जो कुल 4 दशक (1g, 2g, 3g, 4g) आता है और अब 5g network जल्द ही 2021 मे लॉंच होने की उम्मीद हैं। 1980 में इस सफर की शुरुआत 1G (first generation) से की गयी थी वहीं समय के साथ-साथ इसमें ऐसे बहुत से बदलाव आये जैसे 2G, 2.5G, 3G और 4g पीढ़िया आयीं लेकिन सभी में परिवर्तन के साथ-साथ सुधार होती गयी और अब 5G तक जारी हैं।

वर्तमान समय में, जैसा कि आप जानते हैं, हम सब अपने mobile मे वायरलेस कम्युनिकेशन टेक्नालजी की 4th network generation का इस्तेमाल कर रहे हैं। आइये अब देखते हैं जहां से ये 1g से लेकर 4g तक वायरलेस नेटवर्क जनरेशन की शुरूआत हुई।

1g 2g 3g 4g 5g speed

  • 1G – 2.4 Kbps प्रति सेकंड तक की स्पीड होती है।
  • 2G (GSM) – 64 Kbps प्रति सेकंड तक की स्पीड होता है।
  • 2.5 G and 2.75g – 144 kbps से 384 kbps प्रति सेकंड तक हुआ।
  • 3G – 144 Kbps से 2 Mbps प्रति सेकंड तक की स्पीड देता है।
  • 4G (LTE) – 100 Mbps से 1 Gbps प्रति सेकंड तक की स्पीड देता है।
  • 5G – 10 Gbps प्रति सेकंड तक की स्पीड होने की संभावना है।

1G – वॉइस कॉल (Voice Call)

1G जेनेरेशन के बारे मे बहुत कम लोग जानते होंगे यह सबसे पुराना cellular नेटवर्क सिस्टम हैं जो पहली बार mobile network generation की शुरुआत 1g (first generation) से हुई थी. 1st जेनेरेशन को वायरलेस कम्युनिकेशन टेक्नालजी का जनक माना जाता हैं यह सन 1980 में लॉन्च किया गया था. 1g नेटवर्क वायरलेस मोबाइल कम्युनिकेशन की first जेनेरेशन हैं ये डाटा को ट्रांसमीट करने लिए अनालोग सिग्नल पर काम करती थी।

first जेनेरेशन mobile नेटवर्क मे बहुत सारी सीमाएं (limits) थी, फिर भी इसकी शुरुआत हुई थी क्योकि इसने पहली बार एक दूसरे से ‘संचार’ (Communication) करने दिशा को संभव बनाया था। इस मोबाइल network से सिर्फ कॉल कर सकते थे बाकी कोई और दूसरे फीचर्स नहीं थे। इसमे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को एक लिमिट दूरी तक ही सिर्फ कॉल कर सकते थे। इसकी इंटरनेट स्पीड क्षमता 2.4 kbps थी ये उस generation की एक नयी टेक्नालजी थी, इसलिए ये उस समय सेलुलर फोन्स महँगेे भी होते थेे।

1G की कुछ प्रमुख विशेषताएँ:

  • first wireless 1g telecommunication technologyथी
  • 1g internet speed 2.4 kbps तक थी
  • 1st generation cellular networks अनालोग signl पर काम करती थी
  • AMPS (Advanced Mobile Phone Service) या अनालोग सिग्नल टेलीफोन को सबसे पहले 1g मोबाइल सिस्टम में USA में लॉन्च किया गया था

1g के कमी (Drawback):

  • वॉइस की अच्छी गुणवत्ता नहीं थी
  • फोन की बैटरी लाइफ सीमित थी
  • 1g cellular फोन की साइज़ बड़ी थी
  • इस जेनेरेशन के network मे कोई भी डाटा सुरक्षित नहीं था
  • फ़र्स्ट जेनेरेशन के सेलफोन की खराब हेंडसेट क्वालिटी और पोर्टबल भी नहीं था


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